बाल्टी उठाकर चलना
दोनों हाथों में पानी से भरी बाल्टियाँ लेकर सीधे चलना। पकड़, कंधे और पेट — सब एक साथ मज़बूत होते हैं।
⏳ ट्रेनर जाँच बाकी है — ध्यान से करें और शक हो तो किसी ट्रेनर से पूछें।
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कैसे करें
- दोनों बाल्टियों में बराबर पानी भरें — शुरुआत में आधी बाल्टी।
- घुटने मोड़कर और पीठ सीधी रखकर बैठें, दोनों हैंडल पकड़ें और पैरों से ज़ोर लगाकर खड़े हों।
- सीधे खड़े रहें, कंधे पीछे और नीचे, पेट हल्का कसा हुआ। हाथ शरीर के साइड में सीधे।
- छोटे-छोटे, सधे हुए कदमों से 20–30 कदम चलें।
- रुककर घुटने मोड़ें और पीठ सीधी रखते हुए बाल्टियाँ नीचे रखें।
साँस: चलते समय आराम से, लगातार साँस लेते रहें।
शुरुआत में कितना करें: 3 चक्कर × 20–30 कदम, बीच में 1 मिनट आराम
❌ आम गलतियाँ
- एक तरफ़ झुककर चलना — दोनों बाल्टियों में बराबर वज़न रखें।
- कंधे आगे गोल कर देना।
- कमर झुकाकर बाल्टी ज़मीन से उठाना।
⚠️ सावधानी
- सूखी, समतल ज़मीन पर चलें। हैंडल मज़बूत हो। कमर की तकलीफ़ हो तो हल्का वज़न रखें।